विज्ञान से समझें! स्लाइम के “प्लूपी” होने का जादुई रहस्य और ‘इलेक्ट्रिक स्लाइम’

नमस्ते, मैं साइंस ट्रेनर केन कुवाको हूँ। मेरे लिए हर दिन एक नया प्रयोग है।

“चिपचिपा, ठंडा और छूने में कितना मज़ेदार!”

प्राइमरी से लेकर मिडिल स्कूल तक के बच्चों को दीवाना बना देने वाला यह जादुई पदार्थ है स्लाइम। यह विज्ञान प्रयोगशालाओं का एक सदाबहार प्रयोग है, लेकिन इसे सिर्फ “मज़ा आया” कहकर छोड़ देना बड़ी भूल होगी।

असल में, स्लाइम रसायन विज्ञान की अद्भुत दुनिया और पॉलिमर के रहस्यों को समझने का एक शानदार दरवाज़ा है। इस लेख में, हम स्लाइम के जमने की रोमांचक प्रक्रिया से लेकर इसे बिजली का रास्ता (कंडक्टर) बनाने वाले अनोखे प्रयोग तक, सब कुछ विज्ञान की नज़र से विस्तार से समझेंगे।

इसे बनाने का तरीका

चलिए, सबसे पहले बेसिक स्लाइम बनाने से शुरुआत करते हैं। इसकी सफलता का राज़ सामग्री के सही अनुपात (Golden Ratio) में छिपा है।

स्लाइम बनाने की सामग्री:

  • लाउंड्री ग्लू (PVA) 50 ग्राम
  • लगभग 60°C गर्म पानी 50 ग्राम (या साधारण पानी) – ग्लू और पानी को 1:1 के अनुपात में मिलाना सबसे ज़रूरी है।
  • सुहागा (Borax) 20 ग्राम
  • पानी 200 ग्राम
  • 3 कागज़ के कप, एक तराजू (weighing scale), और चलाने के लिए स्टिक
  • पेंट या खाने वाला रंग (Food color)

लाउंड्री ग्लू (PVA) और बोरेक्स आपको किसी भी बड़ी फार्मेसी या ऑनलाइन स्टोर पर मिल जाएंगे। बोरेक्स अक्सर सफाई के सामान या कीटाणुनाशक वाले सेक्शन में मिलता है।

लाउंड्री ग्लू

बोरेक्स

वैसे, बोरेक्स का उपयोग सामान्यतः इन कामों के लिए भी किया जाता है:

कीटाणुशोधन और दुर्गंध दूर करना: कूड़ेदान की बदबू हटाने, कालीन से कीड़े दूर करने या टॉयलेट की सफाई के लिए।

कपड़े धोना: यह पानी को “सॉफ्ट” बनाता है, जिससे डिटर्जेंट के साथ मिलाने पर कपड़ों की सफाई बेहतर होती है।

【ज़रूरी सावधानी】 बोरेक्स एक प्राकृतिक पदार्थ है, लेकिन यह ज़हरीला भी हो सकता है।

मुँह में न डालें: इसे छोटे बच्चों और पालतू जानवरों की पहुँच से दूर रखें ताकि वे इसे गलती से निगल न लें।

ज़ख्मों से दूर रखें: यह त्वचा के ज़रिए आसानी से सोख लिया जाता है, इसलिए अगर हाथ में चोट हो या त्वचा संवेदनशील हो, तो दस्ताने ज़रूर पहनें।

प्रयोग की विधि

१. सबसे पहले बोरेक्स का संतृप्त घोल (Saturated Solution) तैयार करें। एक कप में 200 ग्राम पानी लें, उसमें 20 ग्राम बोरेक्स डालें और अच्छी तरह मिलाएँ। कप के नीचे कुछ बोरेक्स बिना घुला रह सकता है, उसे वहीं रहने दें। हमें केवल ऊपर के साफ और पारदर्शी पानी का इस्तेमाल करना है।

२. दूसरे कप में 50 ग्राम गर्म पानी (करीब 60°C) लें। गर्म पानी में प्रक्रिया जल्दी होती है। अब इसमें अपना मनपसंद रंग मिलाएँ!

३. एक और कप में 50 ग्राम लाउंड्री ग्लू (PVA) नापकर निकालें।

४. गर्म पानी में ग्लू डालते समय उसे लगातार और अच्छी तरह चलाते रहें ताकि कोई गांठ न बने।

५. अब इस मिश्रण में, पहले चरण में तैयार किए गए बोरेक्स घोल का ऊपरी साफ हिस्सा 20 ग्राम लें और धीरे-धीरे मिलाते हुए चलाते रहें।

करीब 30 सेकंड तक चलाने के बाद, मिश्रण गाढ़ा और भारी होने लगेगा। लीजिए, आपका स्लाइम तैयार है!

स्लाइम जमने का विज्ञान: अणुओं का मेल

बहता हुआ ग्लू बोरेक्स मिलते ही अचानक लचीला स्लाइम कैसे बन जाता है? इसके पीछे अणुओं के बीच हाथ मिलाने जैसा एक गहरा विज्ञान छिपा है, जिसे केमिस्ट्री में क्रॉस-लिंकिंग (Cross-linking) कहा जाता है।

1. ग्लू क्या है? “लंबी ज़ंजीरें”

स्लाइम का मुख्य हिस्सा PVA (पॉलीविनाइल अल्कोहल) है। यह कई छोटे अणुओं से बनी एक लंबी ज़ंजीर जैसा पॉलिमर है। पानी में ये ज़ंजीरें अलग-अलग तैरती रहती हैं, इसलिए ग्लू तरल की तरह बहता है।

2. बोरेक्स बनता है “पुल”

जब हम इसमें बोरेक्स घोलते हैं, तो वह “बोरेट आयन” में बदल जाता है। ये आयन तैरती हुई PVA ज़ंजीरों के बीच में आ जाते हैं और उन्हें आपस में जोड़ देते हैं, जैसे कि वे एक पुल बना रहे हों।

PVA: लंबी धागे जैसी ज़ंजीरें बोरेट आयन: धागों को आपस में जोड़ने वाली क्लिप की तरह

3. पानी को कैद करना और “जेल” बनाना

जब ये ज़ंजीरें जाल की तरह आपस में जुड़ जाती हैं, तो वे अपने बीच पानी के अणुओं को फंसा लेती हैं। ग्लू अब बह नहीं पाता क्योंकि उसका ढांचा जाल जैसा हो गया है, लेकिन क्योंकि इसमें बहुत सारा पानी भरा है, इसलिए यह पूरी तरह ठोस भी नहीं होता। तरल और ठोस के बीच की इसी अवस्था (जेल) को हम स्लाइम कहते हैं!

एक शानदार प्रयोग! “इलेक्ट्रिक स्लाइम”

क्या आप जानते हैं कि स्लाइम एक लचीले तार की तरह काम कर सकता है? मैंने जब यह “इलेक्ट्रिक स्लाइम” प्रयोग किया, तो मैं खुद हैरान रह गया। यह भौतिक विज्ञान (Physics) और रसायन विज्ञान (Chemistry) का एक अनोखा संगम है।

स्लाइम को दो हिस्सों में बाँटें। एक तरफ बैटरी का सिरा लगाएँ और दूसरी तरफ LED की पिन। आप देखेंगे कि LED जलने लगती है! (ध्यान दें: बैटरी को सीधे LED से न जोड़ें, वरना वोल्टेज ज़्यादा होने से LED खराब हो सकती है। बीच में स्लाइम को ज़रूर रखें।)

अपना लचीला सर्किट तैयार करें।

स्विच ऑन! बल्ब जल उठा।

स्लाइम को दूर करते ही लाइट बंद हो जाती है। यह एक स्विच की तरह है।

अंधेरे कमरे में यह प्रयोग और भी सुंदर और जादुई लगता है।

स्लाइम में बिजली क्यों बहती है?

इसका राज़ स्लाइम में घुले बोरेक्स में है। जब बोरेक्स पानी में घुलता है, तो वह आयन (Ions) में टूट जाता है। ये आयन स्लाइम के अंदर तैरते रहते हैं और बिजली को एक जगह से दूसरी जगह ले जाते हैं।

मज़ेदार बात यह है कि जब आप स्लाइम को लंबा खींचते हैं, तो LED की रोशनी कम हो जाती है, और जब उसे छोटा और मोटा करते हैं, तो रोशनी बढ़ जाती है। यह भौतिकी के उस नियम को समझने का बेहतरीन तरीका है कि तार की लंबाई और मोटाई बदलने से बिजली के रास्ते में रुकावट (Electrical Resistance) बदल जाती है।

स्लाइम को सिर्फ छूकर न छोड़ें, इसे एक सर्किट की तरह इस्तेमाल करके देखें!

संपर्क और अधिक जानकारी

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