आस-पास की चीज़ें बनीं जादुई छड़ी? साइकिल की रस्सी और रबर होज़ से “विशाल तरंग” को पकड़ो!
नमस्ते, मैं साइंस ट्रेनर केन कुवाको हूँ। मेरे लिए हर दिन एक नया प्रयोग है।
क्या आपने कभी अपनी आँखों से ओझल रहने वाली तरंगों यानी ‘लहरों’ को अपने हाथों से बनाया है? गिटार के तारों की थरथराहट हो या पानी में उठने वाली लहरें, हमारे चारों ओर विज्ञान का यह खेल हर वक्त चलता रहता है। लेकिन क्या आपने कभी ऐसी जादुई लहर देखी है जो अपनी जगह पर रुकी हुई सी लगती है? इसे विज्ञान की भाषा में स्टेशनरी वेव (Stationary Wave) या हिंदी में अचल तरंग कहते हैं। जब हम इसे बड़े पैमाने पर देखते हैं, तो यह नजारा बेहद रोमांचक और सुंदर होता है! आज मैं आपको बताऊंगा कि कैसे आप 100 रुपये की दुकान (100-yen shop) के सामान या हार्डवेयर स्टोर से मिलने वाले पाइप का इस्तेमाल करके इन विशाल लहरों को कैद कर सकते हैं। चलिए, स्कूल की लैब से बाहर निकलकर अपने घर या बगीचे में विज्ञान के इस जादू का अनुभव करते हैं।
साधारण रबर की रस्सी का कमाल! 3D में नाचती लहरें
सबसे पहले बात करते हैं उस रबर वाली रस्सी की, जिसे हम अक्सर साइकिल या बाइक पर सामान बाँधने के लिए इस्तेमाल करते हैं। 100-yen स्टोर पर मिलने वाली करीब 3 मीटर लंबी यह रस्सी प्रयोग के लिए एक शानदार औजार है।
इसे करना बहुत आसान है। दो लोग रस्सी के दोनों सिरों को पकड़ लें और एक व्यक्ति सही लय के साथ इसे ऊपर-नीचे या दाएं-बाएं हिलाए। भौतिकी (Physics) के नजरिए से देखें तो, आपके द्वारा भेजी गई लहर और दूसरे सिरे से टकराकर वापस आने वाली लहर जब आपस में मिलती हैं, तो स्टेशनरी वेव बनती है। पहले धीरे-धीरे हिलाएं ताकि रस्सी के बीच में एक उभार यानी एंटीनॉड (Antinode) बने। जैसे-जैसे आप अपनी गति बढ़ाएंगे, ये उभार एक से दो और फिर तीन होते जाएंगे। आम स्प्रिंग के मुकाबले रबर की रस्सी की खासियत यह है कि यह आसानी से गोल घूम सकती है, जिससे आप रस्सी कूदने जैसा एक थ्री-डायमेंशनल (3D) नजारा देख सकते हैं। चार उभार बनाना थोड़ा मुश्किल है, पर कोशिश करके देखिए, बड़ा मजा आएगा! 
क्या एक पारदर्शी पाइप बन सकता है विशाल वाद्य यंत्र? ‘रेत’ में छिपा राज
अगला प्रयोग हम करेंगे एक पारदर्शी प्लास्टिक पाइप (Hose) के साथ, जो किसी भी हार्डवेयर की दुकान पर मिल जाता है। क्या बचपन में पाइप से पौधों को पानी देते समय आपने कभी उसे लहरदार तरीके से हिलाकर देखा है? अगर हम इस पाइप में एक छोटा सा बदलाव कर दें, तो लहरें और भी साफ दिखने लगेंगी। वह बदलाव है—पाइप के अंदर रेत भरना।
खाली पाइप को हिलाने पर लहरें जल्दी खत्म हो जाती हैं, लेकिन रेत भरकर जब हम उसका द्रव्यमान (Mass per unit length) बढ़ा देते हैं, तो जड़त्व (Inertia) के कारण लहरें बहुत स्पष्ट और धीमी गति से चलती हुई दिखाई देती हैं। रेत से भरे पाइप को छत से लटकाकर जोर से हिलाने पर क्या होता है? जरा इस वीडियो में देखिए!https://youtu.be/RL78pTVsqZgहै ना अद्भुत? वीडियो में एक पल ऐसा आता है जब लगता है कि हवा में लहराता पाइप जैसे ठहर गया हो। यही तो स्टेशनरी वेव की असली पहचान है।
रेत भरने से क्या जादू हुआ? विज्ञान का गणित
किसी डोरी या पाइप में लहर की गति $v$ को, उस पर लगने वाले तनाव $S$ और उसकी प्रति मीटर लंबाई के वजन $\rho$ की मदद से इस सूत्र द्वारा समझा जा सकता है:
आसान शब्दों में कहें तो, रेत भरने से पाइप का वजन बढ़ गया, जिससे लहर की रफ़्तार धीमी हो गई और हमारी आँखों के लिए उसे देखना आसान हो गया। सिर्फ एक साधारण सी चीज को थोड़ा ‘भारी’ बनाकर हम विज्ञान के नियमों को साक्षात देख सकते हैं। हमारे आसपास की छोटी-छोटी चीजें जैसे रबर की डोरी या पाइप, आपके नजरिए के बदलते ही एक बेहतरीन फिजिक्स लैब बन सकते हैं। तो आप भी निकल पड़िए अपनी खुद की ‘विशाल लहरों’ की खोज में!
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