अदृश्य शक्ति को उजागर करो! “बल सेंसर” से देखो क्रिया-प्रतिक्रिया की दर्पण जैसी दुनिया
मैं केन कुवाको हूँ, आपका साइंस ट्रेनर। मेरे लिए हर दिन एक नया प्रयोग है।
“काश! हम बल (Force) को अपनी आँखों से देख पाते…” क्या आपने विज्ञान की कक्षा के दौरान कभी ऐसा सोचा है? भौतिकी (Physics) की दुनिया में ‘बल’ ही सब कुछ है, लेकिन यह अदृश्य है। इसे केवल दिमाग में कल्पना करना बहुत कठिन काम है, और खासकर छात्रों के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन जाती है।
डिजिटल तकनीक की मदद से इस “अदृश्य दुनिया” को स्पष्ट रूप से देखना अब संभव है। सेंसर वाले उपकरणों को अक्सर “महंगा” या “चलाने में कठिन” माना जाता है, लेकिन कक्षा में इनका एक छोटा सा प्रदर्शन भी सीखने के अनुभव को पूरी तरह बदल देता है। आज, मैं अपने पसंदीदा “इजीसेंस” (EasySense) और “फोर्स सेंसर” का उपयोग करके भौतिकी के एक महत्वपूर्ण सिद्धांत—”क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम” (Newton’s Third Law)—को आँखों के सामने दिखाने वाला एक प्रयोग साझा करूँगा।
अदृश्य ‘बल’ को दें आकार! जादुई “फोर्स सेंसर”
भौतिकी को समझने का सबसे बड़ा रहस्य यह है कि क्या आप बल को उसकी “दिशा और परिमाण” (Vector) के रूप में देख सकते हैं। इसमें फोर्स सेंसर हमारी मदद करता है।
क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम इसका सबसे अच्छा उदाहरण है। जैसे: “जब आप दीवार पर मुक्का मारते हैं, तो दीवार भी आपको उतने ही बल से वापस मारती है।” इसे किताबों में पढ़ना आसान है, लेकिन एक ही समय में विपरीत दिशा में लगने वाले समान बल को महसूस करना कठिन है। इस प्रयोग में, हम दो सेंसर का उपयोग करते हैं—एक सकारात्मक दिशा में और दूसरा नकारात्मक दिशा में ग्राफ दिखाता है। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे आईने में अपनी ही छवि को देखना।
विज्ञान की रेसिपी: क्रिया-प्रतिक्रिया के गवाह बनें
जरूरी सामग्री
इजीसेंस, फोर्स सेंसर (2), विंडोज पीसी, अल्ट्रासोनिक सेंसर, दो डायनेमिक्स ट्रॉली और वजन (Weights)।

यह रहा हमारा फोर्स सेंसर।
तरीका
① दोनों ट्रॉलियों पर एक-एक फोर्स सेंसर लगाएं। ② दोनों ट्रॉलियों को आमने-सामने लाएं और उन्हें आपस में टकराएं।

③ एक ट्रॉली पर वजन रखें (उसका द्रव्यमान बदलें) और फिर से टक्कर करवा कर देखें।
प्रयोग का परिणाम: रीयल-टाइम में “आईने की दुनिया”
जब हम प्रयोग करते हैं, तो कंप्यूटर स्क्रीन पर रीयल-टाइम में ग्राफ बनता है। आइए देखें कि जब दो सेंसर एक-दूसरे को दबाते हैं तो क्या होता है।
वीडियो में आप देख सकते हैं कि हरी और नीली रेखाएं दबाव के साथ विपरीत दिशा में चलती हैं। अगर एक रेखा पहाड़ (ऊपर) बनाती है, तो दूसरी घाटी (नीचे) बनाती है। यह ग्राफ साफ दिखाता है कि “जब आप धक्का देते हैं, तो आपको भी उतना ही धक्का वापस मिलता है।”
हालांकि इस प्रयोग में एक सेंसर की सेटिंग में थोड़ी सी कमी थी, फिर भी हम स्पष्ट देख सकते हैं कि “विपरीत दिशा में, बिल्कुल एक ही समय पर, लगभग बराबर बल” पैदा हो रहा है।

इस प्रयोग से खुलती विज्ञान की दुनिया
इस प्रयोग की सबसे मजेदार बात यह है कि एक “साधारण” सा दिखने वाला नियम जटिल रेखाओं के रूप में सामने आता है। चाहे इंसान कितनी भी अनियमितता से बल लगाए, दूसरा सेंसर बिल्कुल उसी पल, उसी तीव्रता के साथ विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया देता है।
क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम ही वह कारण है जिससे हम जमीन पर चल पाते हैं या रॉकेट अंतरिक्ष में उड़ पाता है। “जब आप किसी पर बल लगाते हैं, तो वह भी आप पर बल लगाता है।” ब्रह्मांड के इस अटूट नियम को जब आप ग्राफ पर देखते हैं, तो आपके आसपास की हर चीज “बलों के आदान-प्रदान” के रूप में दिखने लगेगी।
फोर्स सेंसर का उपयोग पेंडुलम के तनाव या त्वरण (Acceleration) को मापने के लिए भी किया जा सकता है।
अदृश्य शक्तियों को पकड़ने वाला यह सेंसर प्रयोग आप भी अपनी कक्षा या प्रोजेक्ट में जरूर आजमाएं। यदि आपके पास कोई और बेहतरीन आइडिया है, तो मुझे जरूर बताएं। आइए मिलकर विज्ञान को “देखने” का आनंद लें!
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